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Thursday, April 30, 2020

बाहर से सब्जी लाने पर क्या करें, लिफ्ट या सीढ़ियों पर कितनी सावधानी जरूरी? जानें ऐसे ही सवालों के जवाब


कोरोना वायरस के बढ़ रहे लगातार मामलों ने दुनिया भर में दहशत पैदा कर दी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इससे बचनेके लिए सोशल डिस्टेंसिंग बनाने के लिए कह रहे हैं। लेकिन कोरोना से जुड़ी खबर जिस तरह से सुर्खियाां बनती जा रही है, ऐसे में कई लोग तनाव महसूस कर रहे हैं। साथ ही इस वायरस से जुड़ी कुछ अपवाहों ने भी लोगों में डर का माहौल बना दिया है।
              ऐसे में कुछ रोजमर्रा के सवाल लोगो को परेशान कर रहे तो आइये आज हम उनसे जुड़े हुए कुछ सवालों के लिए हमारे डॉक्टर्स और एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं ये जान लेते हैं...........
  • बाहर से सब्जी लाने पर क्या करें, लिफ्ट या सीढ़ियों पर कितनी सावधानी है जरूरी ?  जानें ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब -

कोरोना संक्रमण के इस दौर में सोशल डिस्टेंसिंग इसे फैलने से रोकने के लिए सबसे कारगर तरीका है। विशेषज्ञों के मुताबिक, लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग के जरिए ही कोरोना के बढ़ते संक्रमण को रोका जा सकता है। इस कोरोना संकट के बीच लोगों के बीच एक तरह से भय का माहौल है। घर में रहने से लेकर, छत पर टहलने और बाहर से जरूरी सामान लाने तक अपनी हर छोटी-बड़ी गतिविधि को लेकर लोग संशय में रहते हैं कि कहीं उन्हें कोरोना संक्रमण न हो जाए। केंद्रीय स्वास्थ्य परिवार एवं कल्याण मंत्रालय के मुताबिक डरने की बजाय सावधानियां बरतने की जरूरत है। इस बात का भी ध्यान रखें कि परिवार का जो  भी सदस्य बाहर जाये ,वह घर आकर सबसे पहले खुद को सेनिटाइज करे ,फिर  बच्चों और बुजुर्गों के करीब आये। 
  • घर में किन सतहों की सफाई जरूरी है ?

विशेषज्ञ बताते हैं कि कोरोना वायरस अलग-अलग सतहों और वस्तुओं पर कुछ घंटों से लेकर कुछ दिन तक जिंदा रह सकता है। इसलिए विशेषज्ञों का कहना है कि घर में ऐसी सतहें जहां परिवार के सदस्यों का हाथ लगता हो, उन्हें सैनिटाइज करते रहें। अपने मोबाइल, टीवी रिमोट से लेकर कुर्सी, टेबल , दरवाजों के हैंडल तक साफ करते रहना चाहिए।

  • बाहर से दूध की थैली या सब्जी लाने पर क्या करें ?

अगर आप बाजार से सब्जी लाए हैं या फिर मुहल्ले में ठेले वाले से सब्जी खरीदी है तो घर लाकर उसे गुनगने पानी से धो लें। हो सकता है कि सब्जी लेने आए कोई व्यक्ति कोरोना संक्रमित रहे हों और उनके खांसने या छींकने के दौरान सब्जियां भी वायरस के संपर्क में आ गई हों।सब्जियां बाहर से कई जगहों से कई हाथों से होते हुए आती हैं इसलिए इन्हें भी रोगाणुमुक्त करना आवश्यक है। सब्जियों की ही तरह आप दूध की थैली को भी घर लाने के साथ ही धो सकते हैं।

  • साबुन और हैंड सेनिटाइजर में बेहतर क्या ?

कोरोना वायरस से बचाव के लिए हैंड सैनिटाइजर और साबुन दोनों ही असरदार हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, कम से कम 60 फीसदी एल्कोहल वाले हैंड सैनिटाइजर से हाथ धोना चाहिए। हालांकि त्वचा रोग विशेषज्ञों के मुताबिक सैनिटाइजर की अपेक्षा साबुन और पानी से 20 सेकेंड तक अच्छी तरह हाथों को धोना ज्यादा बेहतर है। अगर आप बार-बार वॉशरूम नहीं जा सकते तो सैनिटाइजर का इस्तेमाल कर सकते हैं। 


  • लिफ्ट-सीढ़ियों पर कितनी सावधानी जरूरी ?
सार्वजनिक जगहों में सीढ़ियों पर चढ़ते समय और लिफ्ट में आपको सावधानी बरतनी चाहिए। लिफ्ट के बटन और सीढ़ियों की रेलिंग की सतहों पर कोरोना संक्रमण की संभावना रहती है। लिफ्ट के बटन दबाते समय आप टिश्यू पेपर का इस्तेमाल कर सकते हैं और फिर उसे डिस्पोज कर देना जरूरी है। सीढ़ियां चढ़ते या उतरते समय भी रेलिंग को पकड़ने से बचें। अगर पकड़ते भी हैं तो घर में दाखिल होने के बाद हाथ साबुन से धोएं।

  • क्या सोसाइटी में घूमना सुरक्षित है ?

सोसाइटी, मोहल्ले या कॉलोनी में रहने वाले लोगों को भी सावधान रहने की जरूरत है। सोसाइटी के पार्क, जिम या कॉमन एरिया में जाने से बचना चाहिए। कोरोना वायरस के बिना लक्षण वाले मरीज भी होते हैं, जिन्हें खुद के संक्रमित होने का भी पता नहीं होता है। ऐसे लोगों के संपर्क में आने से आप भी कोरोना से संक्रमित हो सकते हैं। इसलिए सार्वजनिक जगहों पर बिना वजह घूमने या टहलने से बचें। 




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Monday, April 20, 2020

कैसे पहचानें इंजेक्शन लगाकर पकाए गए तरबूज को (How to identify injected watermelon)?

कैसे पहचानें इंजेक्शन लगाकर पकाए गए तरबूज को? 


गर्मी में तरबूज से बेहतर कोई दूसरा फल नहीं। मगर केमिकल और इंजेक्शन से पकाया गया तरबूज खाकर आपके   स्वास्थ्य  के   लिए हानिकारक हो सकता है  इसलिए सावधान  रहने की आवश्यकता है ............

गर्मियों का सीजन आ गया है और इसी के साथ बाजार में आने लगा है गर्मी का सबसे हेल्दी माना जाने वाला फल तरबूज। तरबूज एक ऐसा फल है जिसका 92% हिस्सा पानी होता है और इसमें 6% शुगर होता है। फाइबर की मात्रा अच्छी होने के कारण तरबूज का सेवन गर्मियों में बहुत फायदेमंद माना जाता है। मगर क्या आप जानते हैं कि इस सीजन में बाजार में ऐसे तरबूजों की भी भरमार हो जाती है, जिन्हें इंजेक्शन लगाकर पकाया जाता है?
इंजेक्शन लगाकर पकाए गए तरबूज को पहचानना सामान्य लोगों के लिए आसान बात नहीं है। आमतौर पर तरबूज को लाल बनाने के लिए इसमें डाई का इंजेक्शन लगाया जाता है। वहीं कई बार इसे तेजी से पकाने के लिए इसमें ऑक्सिटोसिन का इंजेक्शन लगाया जाता है। ये केमिकलयुक्त इंजेक्शन जो तरबूज में लगाए जाते हैं, आपकी सेहत के लिए बहुत ज्यादा नुकसानदायक हो सकते हैं। इंजेक्शन वाले तरबूज के कारण विपरीत परिस्थितियों में व्यक्ति सेहत गंभीर हो सकती है। आइए आपको बताते हैं कि इंजेक्शन वाला तरबूज आपके लिए कितना नुकसानदायक है और आप इसे कैसे पहचान सकते हैं।

कितना खतरनाक है इंजेक्शन लगाकर पकाया गया तरबूज?

तरबूज में इन केमिकल्स का किया जाता है इस्तेमाल- नाइट्रेट, आर्टिफिशियल डाई (लेड क्रोमेट, मेथनॉल यलो, सुडान रेड), कार्बाइड, ऑक्सिटोसिन
 

ये होते हैं नुकसान

  • कई बार तरबूज को जल्दी बढ़ाने और पकाने के लिए नाइट्रोजन
    का सहारा लिया जाता है। ये नाइट्रोजन अगर आपके शरीर में जाएगा तो बहुत अधिक नुकसानदायक हो सकता है। नाइट्रोजन ऑक्साइड को विषैला तत्व माना जाता है।
  • तरबूज को अच्छा लाल रंग का दिखाने के लिए अक्सर लेड क्रोमेट, मेथनॉल यलो, सुडान रेड जैसी आर्टिफिशियिल डाई का इस्तेमाल किया जाता है। इस तरह के रंग के इस्तेमाल वाला तरबूज खाने से आपको फूड पॉयजनिंग हो सकती है।
  • बहुत सारे तरबूज को कार्बाइड द्वारा पकाया जाता है। ये कार्बाइड लिवर और किडनी के लिए इतना खतरनाक है कि कुछ स्थितियों में व्यक्ति की किडनी बहुत अधिक डैमेज हो जाती है।
  • तरबूज को लाल रंग देने के लिए इस्तेमाल होने वाला मेथनॉल यलो व्यक्ति को कैंसर का रोगी बना सकता है। इसके अलावा ये पुरुषों की सेक्स क्षमता को खराब करता है।
  • तरबूज में इस्तेमाल होने वाला लेड क्रोमेट के सेवन से व्यक्ति के शरीर में खून की कमी हो सकती है, मस्तिष्क की सेल्स डैमेज हो सकती हैं और वो अंधा भी हो सकता है।

ऐसे पहचानें केमिकल युक्त इंजेक्शन या पाउडर से पकाया हुआ तरबूज

सफेद पाउडर की जांच करें

कई बार तरबूज की ऊपरी सतह पर आपको बहुत हल्का सा सफेद, पीला पाउडर दिखाई देगा। आपको ऐसा आभास होगा कि ये धूल हो सकती है। मगर ये पाउडर कार्बाइड हो सकता है, जिसके कारण फल तेजी से पकता है। ये कार्बाइड आम और केले को पकाने में भी किया जाता है। इसलिए तरबूज को काटने से पहले अच्छी तरह पानी से धो लेना चाहिए।

काटने के बाद तरबूज बहुत अधिक लाल और गला हुआ तो नहीं?

अक्सर इंजेक्शन वाले तरबूज बहुत अधिक लाल दिखाई देंगे। इसे काटने पर आपको सामान्य से ज्यादा लालपन और मीठापन लगेगा। इसके अलावा तरबूज के बीच के हिस्से में ऐसा दिखाई देगा जैसे केमिकल से जला दिया गया है। हो सकता है कि इसे एक नजर में देखने पर आपको ऐसा लगे कि तरबूज लाल और मीठा है, मगर सड़ने वाला है।

देखें कोई सुराख तो नहीं

कई बार इंजेक्शन वाले तरबूज में कोई छोटा सा सुराख होता है, जिसे अक्सर लोग किसी कीड़े-मकोड़े द्वारा किया गया सुराख मानकर ले आते हैं। मगर ये सुराख दरअसल इंजेक्शन का हो सकता है।

स्वाद में हो बदलाव

अगर तरबूज खाते समय आपको इसके स्वाद में किसी दवा के जैसा टेस्ट आए या इसे खा लेने के बाद जीभ में चिकनापन लगे, तो इसे तुरंत फेंक दें। प्राकृतिक रूप से पके तरबूज में ऐसा स्वाद आना असंभव है।

कैसे बचें इंजेक्शन वाले या गलत तरीके से पकाए गए तरबूज से?

  • इंजेक्शन वाले तरबूज से बचने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप ऊपर
    बताए गए संकेतों को पहचानें। इसके अलावा एक तरीका यह है कि तरबूज को बाजार से खरीदने के बाद कम से कम 2-3 दिन उसे ऐसे ही छोड़ दें। तरबूज कई सप्ताह तक खराब नहीं होते हैं, इसलिए इन्हें 2-4 दिन छोड़ने में कोई बुराई नहीं है। इन 2-4 दिनों में अगर तरबूज की सतह से आपको किसी तरह का झाग या चिकना सफेद पानी जैसा निकलता दिखने लगा है, तो इसका अर्थ है कि तरबूज में केमिकल का प्रयोग हुआ है और ये जहरीला है।
  • 2-4 दिन छोड़ने के बाद भी अगर तरबूज सही रहता है, तो आप इसे काटकर ऊपर बताए गए संकेतों को जांच लें तभी तरबूज का सेवन करें। याद रखें तरबूज बहुत फायदेमंद है। मगर इसमें मौजूद केमिकल्स आपकी किडनी, लिवर और स्वास्थ्य को बुरी तरह खराब कर सकते हैं।

जरूरी नहीं शरीर में दिखाई दें ये 5 लक्षण तो आपको हो गया है कोरोना, जानें किस गलतफहमी का शिकार हैं आप

जरूरी नहीं शरीर में दिखाई दें ये 5 लक्षण तो आपको हो गया है कोरोना, जानें किस गलतफहमी का शिकार हैं आप


देश-दुनिया में दहशत और लोगों के दिल में डर का माहौल फैला चुके कोरोनोवायरस यानी की कोविड 19 के बारे में गलत सूचनाओं और फर्जी खबरों में बहुत वृद्धि हुई है। चूंकि ये मुद्दा और डेटा सभी वास्तविक समय के हैं, इसलिए अनिश्चितता और अज्ञानता होने की संभावना अधिक है। कुछ बातें भले ही शुरू में सही हो सकती हैं लेकिन इन्हें साल मान लिया जाए ऐसा अभी तो फिलहाल नहीं हो सकता है हालांकि भविष्य में ऐसे घटनाक्रम हो सकते हैं जो इन कथन को जरूर सिद्ध कर सकते हैं। इस वायरस के गंभीर प्रभाव को देखते हुए लोगों के मन में अजीब सी दहशत भी है, जो हमारे दिमाग में अपना रास्ता बना रही है। आलम ये है कि अगर किसी व्यक्ति को अपने शरीर या इसके कार्य करने में थोड़ी सी भी दिक्कत महसूस हो रही है, तो उसके मन में तत्काल विचार आता है कि कहीं उसे कोरोना तो नहीं है। इस लेख में हम आपको ऐसे ही कुछ लक्षणों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें अनुभव करने करने का मतलब ये नहीं है कि आपको कोरोनोवायरस हो गया है। ज्यादा जानकारी के लिए पढ़े पूरा लेख-

शरीर में दिखाई दें ये 5 लक्षण तो जरूरी नहीं आपको हो गया है कोरोना-

  • हल्का सिरदर्द-
अगर किसी व्यक्ति को हल्का सिरदर्द हो रहा है तो संभावना हो सकती है कि आप शायद अपने कंप्यूटर पर बहुत लंबे समय से काम कर रहे हैं या फिर आप घंटों से अपना मोबाइल चला रहे हैं। इसके अलावा बहुत कम नींद आना या फिर जरूरत से ज्यादा काम करने के कारण थकान से भी आपको हल्का सिरदर्द हो सकता है। हालांकि सिरदर्द अन्य लक्षणों में से एक हो सकता है जो बुखार, खांसी या छींक के साथ संयुक्त रूप से होता है। अकेले हल्के सिरदर्द का मतलब यह नहीं है कि आपको कोरोना हो गया है। 

  • एसिडिटी-

लोगों के बीच एक आम गलतफहमी ये हो रही है कि पेट क्षेत्र में किसी भी तरह की दिक्कत का अनुभव किया जाना  कोरोना का प्रारंभिक संकेत माना जा रहा है। हालांकि ऐसी भी रिपोर्टें हैं, जो बताती हैं कि दस्त शुरुआती लक्षणों में से एक हो सकता है। यह जानना जरूरी है कि पेट के उसी क्षेत्र में किसी भी अन्य प्रकार के दर्द के साथ बराबरी न की जाए जो और किसी कारण के भी हो सकता है।

  • ऐंठन-
यदि आपको बार-बार हल्की ऐंठन महसूस हो रही है या वे महिलाएं, जो मासिक धर्म की ऐंठन से परेशान हैं तो यह चिंता का एक बहुत बड़ा कारण नहीं है। यह शायद आपको आपकी मांसपेशियों की ऐंठन के कारण हो सकता है और इसका कोविड -19 के साथ कोई संबंध नहीं है।


  • सांस लेने में तकलीफ-
हालांकि यह सच है कि डब्ल्यूएचओ द्वारा उल्लेखित लक्षणों में से एक ठीक से सांस नहीं ले पाना है। यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि इसका मतलब यह नहीं है कि आप कोरोना से संक्रमित हैं। केवल एक अकेले संकेत के बजाय एकाधिक लक्षणों का दिखना कोरोना की संभावना अधिक होती है। इसलिए, यह निरीक्षण करना आवश्यक है कि क्या खांसी, गले में दर्द या बुखार के साथ आपकी सांस फूल रही है।

  • सुनने में कठिनाई-
जी हां, अगर आपको सुनने में परेशानी हो रही है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आपको कोरोना है। यह संकेत संभवत: आपके कान के मैल को साफ करने के लिए एक अनुस्मारक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है जो सबसे लंबे समय तक आपके कान के अंदर जमा होता रहता है। या फिर तेज आवाज में संगीत सुनने का एक साइड-इफेक्ट भी हो सकता है लेकिन यह निश्चित रूप से वायरस के साथ कोई संबंध नहीं रखता है। 

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